भगवान विष्णु अजन्मा हैं, अर्थात उनका कोई जन्म नहीं हुआ। वे सृष्टि से पहले भी थे, अब भी हैं और सदा रहेंगे। उन्हें नारायण भी कहा जाता है।
वे क्षीरसागर में शेषनाग पर शयन करते हैं। उनकी पत्नी माता लक्ष्मी हैं, जो धन और समृद्धि की देवी हैं।
उनके चार हाथों में:
- शंख – धर्म का प्रतीक
- चक्र (सुदर्शन) – शक्ति
- गदा (कौमोदकी) – बल
- कमल – पवित्रता
🌍 सृष्टि की कथा
जब कुछ भी नहीं था, केवल जल ही जल था। तब भगवान विष्णु योगनिद्रा में क्षीरसागर में शयन कर रहे थे। उनके नाभि से कमल निकला, उस कमल से भगवान ब्रह्मा प्रकट हुए। ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की।
⚔️ असुरों का विनाश
जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा, भगवान विष्णु ने अवतार लेकर धर्म की रक्षा की।
🌟 भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतार (दशावतार)
1. मत्स्य अवतार
महाप्रलय में वे मछली बने और मनु की नाव बचाई।
2. कूर्म अवतार
समुद्र मंथन के समय कछुआ बने और मंदराचल पर्वत को सहारा दिया।
3. वराह अवतार
हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को पाताल में छिपाया, तब विष्णु जी सूअर रूप में आए और पृथ्वी को बचाया।
4. नरसिंह अवतार
हिरण्यकशिपु के अत्याचार से भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए आधा मनुष्य आधा सिंह रूप लिया।
5. वामन अवतार
राजा बलि का अभिमान तोड़ने हेतु बौने ब्राह्मण बने और तीन पग में तीनों लोक नाप लिए।
6. परशुराम
अत्याचारी क्षत्रियों का नाश किया।
7. भगवान राम
रावण का वध किया और धर्म की स्थापना की।
8. भगवान कृष्ण
कंस वध किया, महाभारत में अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया।
9. बुद्ध
अहिंसा और करुणा का संदेश दिया।
10. कल्कि
कलियुग के अंत में प्रकट होंगे।
💛 लक्ष्मी जी से विवाह
समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी प्रकट हुईं और उन्होंने भगवान विष्णु को पति रूप में चुना।
📿 भक्तों की रक्षा
भगवान विष्णु अपने भक्तों की रक्षा करते हैं:
- प्रह्लाद को बचाया
- गजेन्द्र को मगरमच्छ से बचाया
- द्रौपदी की लाज बचाई
🕉️ विष्णु जी का संदेश
- धर्म की रक्षा करो
- सत्य का साथ दो
- भक्तों की रक्षा होती है
- अधर्म का अंत निश्चित है
🙏 विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ विष्णवे नमः