दोहा: विष्णु सुनिए विनय हमारी।अति दीन दयालु भगत हितकारी॥ चौपाई: चौरासी के बंध छुड़ाओ।पाप मिटाकर पुण्य बढ़ाओ॥ नील जलद
दोहा: जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई: जय जय जय गणपति
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूं लोक फैली उजियारी॥
भगवान शिव को सनातन धर्म में संहार और पुनर्निर्माण के देवता के रूप में पूजा जाता है।
शिव चालीसा भगवान
पितर चालीसा की रचना और महत्त्व जिस तरह सभी देवी और देवताओं की चालीसा है, उसी तरह पितरों की
हनुमान चालीसा का अर्थ सरल भाषा में जानिए, हर संकट से रक्षा करता है इसका रोजाना पाठ हनुमान चालीसा
Ravivar ki chalisa: रविवार को करें सूर्य चालीसा का पाठ, बनी रहेगी सुख-समृद्धि, धन के साथ प्रतिष्ठा में होगी
हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना गया है। इस दिन भक्त शनिदेव