अक्षरधाम मंदिर भारत के सबसे भव्य और आधुनिक मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान स्वामीनारायण को समर्पित
बद्रीनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित
तिरुपति बालाजी मंदिर, जिसे तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर भी कहा जाता है, भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में
🕉️ 1. परिचय घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में बारहवाँ और अंतिम स्थान रखता है। यह पवित्र
🕉️ 1. परिचय रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में ग्यारहवाँ स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Tamil
🕉️ 1. परिचय नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में दसवाँ स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Gujarat
🕉️ 1. परिचय वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में नौवाँ स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Jharkhand
🕉️ 1. परिचय त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में आठवाँ स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Maharashtra
🕉️ 1. परिचय काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सातवाँ स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर
🕉️ 1. परिचय भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में छठा स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Maharashtra
🕉️ 1. परिचय केदारनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पाँचवाँ स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Uttarakhand
🕉️ 1. परिचय महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में तीसरा और अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यह
🕉️ 1. परिचय ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में चौथा स्थान रखता है। यह पवित्र मंदिर Madhya
🕉️ 1. परिचय मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में दूसरा स्थान रखता है। यह मंदिर दक्षिण
🕉️ 1. परिचय सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे प्राचीन माना जाता है। यह
🕉️ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग हिंदू धर्म में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग सबसे पवित्र और शक्तिशाली माने
गायत्री मंत्र मुख्य रूप से सूर्य देव (सविता) को समर्पित है, जो संपूर्ण संसार के प्रकाशक और प्राणदाता माने
प्रतिपदा हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रथम दिन होता है, जिसे बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है।
द्वितीया के दिन चैत्र नवरात्रि के दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ब्रह्मचारिणी तप, संयम
तृतीया के दिन चैत्र नवरात्रि के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माँ चंद्रघंटा अपने मस्तक