प्रतिपदा हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रथम दिन होता है, जिसे बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है।
द्वितीया के दिन चैत्र नवरात्रि के दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ब्रह्मचारिणी तप, संयम
तृतीया के दिन चैत्र नवरात्रि के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माँ चंद्रघंटा अपने मस्तक
चतुर्थी के दिन चैत्र नवरात्रि के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि माँ
पंचमी के दिन चैत्र नवरात्रि के पांचवें स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है। माँ स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय
षष्ठी के दिन चैत्र नवरात्रि के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। माँ कात्यायनी शक्ति, साहस
सप्तमी के दिन चैत्र नवरात्रि के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। माँ कालरात्रि को देवी
अष्टमी के दिन चैत्र नवरात्रि के आठवें स्वरूप माँ महागौरी की पूजा की जाती है। माँ महागौरी को अत्यंत
नवमी के दिन चैत्र नवरात्रि के नौवें और अंतिम स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माँ सिद्धिदात्री
