।। आरती ।।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
एक दन्त दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी।।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़ें मेवा,
लडुअन के भोग लगा संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश….
अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।।
हार चढ़ें फूल चढ़ें और चढ़ें मेवा,
लडुअन को भोग लगे संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश…..
दीनन की लाज रखो, शंभू सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊँ बलिहारी।।
सूर श्याम शरण आये, सफल कीजे सेवा,
लडुअन को भोग लगे संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेव।।
