अष्टमी के दिन चैत्र नवरात्रि के आठवें स्वरूप माँ महागौरी की पूजा की जाती है। माँ महागौरी को अत्यंत शांत, सौम्य और करुणामयी स्वरूप माना जाता है। उनकी आराधना से जीवन के सभी पाप और कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
इस दिन दुर्गा अष्टमी का विशेष महत्व होता है। भक्तजन पूरे विधि-विधान से व्रत रखते हैं, हवन करते हैं और कन्या पूजन (कंजक) भी करते हैं। माना जाता है कि इस दिन छोटी कन्याओं में माँ दुर्गा का रूप माना जाता है और उनकी पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है।
अष्टमी के दिन संधि पूजा भी की जाती है, जो अष्टमी और नवमी के संधिकाल में होती है। यह पूजा अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें माँ दुर्गा के चामुंडा रूप की आराधना की जाती है।
यह दिन हमें पवित्रता, भक्ति और निस्वार्थ सेवा के महत्व को समझने की प्रेरणा देता है।
