षष्ठी के दिन चैत्र नवरात्रि के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। माँ कात्यायनी शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा करने वाली देवी मानी जाती हैं।
इस दिन माँ की उपासना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। भक्तजन पूरे विधि-विधान से व्रत और पूजा करते हैं तथा माँ से सुख, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद मांगते हैं।
मान्यता है कि माँ कात्यायनी की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। इसलिए अविवाहित कन्याएं विशेष रूप से इस दिन पूजा करती हैं।
यह दिन हमें साहस, आत्मविश्वास और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
